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सनातन धर्म
पूज्य गुरुदेव की शिक्षा इस आधार से आरम्भ होती है कि सनातन धर्म कोई वाद-विवाद का विषय नहीं, अपितु सहस्राब्दियों से परीक्षित जीवन-पद्धति है। उनके प्रवचन बार-बार आचरण पर लौटते हैं — मनुष्य तब क्या करता है जब कोई देख नहीं रहा, और क्या उसका दैनिक जीवन उसके कथन से मेल खाता है।




