नवरात्रि
नवरात्रि पर्व पर देवी की प्रसन्नता हेतु विशेष पूजा होती है — मंदिर का सर्वाधिक श्रद्धालु-समागम।

आयोजन
वर्ष भर की परम्पराएँ, पर्व एवं समारोह — तथा हाल के आयोजनों का विवरण।
परम्परा
नवरात्रि पर्व पर देवी की प्रसन्नता हेतु विशेष पूजा होती है — मंदिर का सर्वाधिक श्रद्धालु-समागम।
सावन मास पर्यंत प्रतिदिन लगभग चौदह घंटे भगवान शिव का महारुद्राभिषेक, मौन व्रत सहित।
प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन एवं त्र्यम्बकेश्वर में अखाड़े का शिविर, पेशवाई एवं अमृत शोभायात्रा सहित।
वह समारोह जिसमें साधकों को नागा साधु एवं महामण्डलेश्वर के रूप में दीक्षा दी जाती है।
किसी विशेष तिथि एवं समय की पुष्टि हेतु कृपया कार्यालय से सम्पर्क करें।
विगत
5 अप्रैल 2025

5 अप्रैल 2025

5 अप्रैल 2025

5 अप्रैल 2025

5 अप्रैल 2025

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