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स्वामी कैलाशानंद गिरि जीNiranjan Peethadheeshwar

सेवा

सेवा ही साधना है

समाज के वंचित वर्ग के उत्थान हेतु अखाड़े के आश्रमों द्वारा संचालित सेवा कार्य।

“प्रेम करने का अर्थ है सेवा करना, और सेवा करने का अर्थ है प्रसन्न करना।”

— स्वामी कैलाशानंद गिरि जी

अन्न क्षेत्र

तीर्थयात्रियों, साधुओं एवं निर्धनों हेतु प्रतिदिन निःशुल्क भोजन।

वेद विद्यालय

पारम्परिक वैदिक शिक्षा, शास्त्रों के पाठ एवं अध्ययन का संरक्षण।

गौशाला योजना

अखाड़े के आश्रमों में गौवंश हेतु आश्रय एवं सेवा।

धर्मार्थ चिकित्सालय

वंचितों हेतु निःशुल्क एवं रियायती चिकित्सा सुविधा।

निर्धन बालक छात्रावास

निर्धन बालकों हेतु निःशुल्क आवास एवं शिक्षा।

वृद्धाश्रम

वृद्धजनों हेतु सेवा एवं सम्मानपूर्ण जीवन।

गौशाला में गौ सेवा

सहयोग

आपका सहयोग सेवा बनता है

आपका योगदान अन्न क्षेत्र, वेद विद्यालय, गौशाला, धर्मार्थ चिकित्सा एवं निर्धन बालकों के निःशुल्क छात्रावास का संचालन करता है। प्रत्येक भेंट सेवा में लगती है।

सेवा में सहयोग