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स्वामी कैलाशानंद गिरि जीNiranjan Peethadheeshwar

5 अप्रैल 2025

महाशिवरात्रि का पावन पर्व समस्त भक्तों के लिए असीम श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शांति का अवसर लेकर आता है। यह दिन भगवान शिव की उपासना, ध्यान और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति का अनमोल क्षण होता है

महाशिवरात्रि का पावन पर्व समस्त भक्तों के लिए असीम श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शांति का अवसर लेकर आता है। यह दिन भगवान शिव की उपासना, ध्यान और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति का अनमोल क्षण होता है। शिव आराधना के इस महोत्सव पर, मैं समस्त शिव भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। इस दिन को आत्मा की शुद्धि, आध्यात्मिक जागरण और धर्म की ज्योति जलाने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान शिव के आशीर्वाद से सभी भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार हो।

#आंध्रप्रदेश , जो अपनी आध्यात्मिक धरोहर और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है, अनेक मंदिरों और तीर्थस्थलों से सुशोभित है। पंचारामों में से एक, अमरावती स्थित अमरालिंगेश्वर स्वामी मंदिर अपनी दिव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए विशेष स्थान रखता है। यह मंदिर शिवभक्तों के लिए एक पवित्र धाम है, जहाँ महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए एकत्रित होते हैं। इस पुण्यभूमि पर शिव आराधना का विशेष महत्व है, और भक्तों की अनवरत श्रद्धा इसे और भी दिव्य बना देती है।

अमरावती, जो #आंध्रप्रदेश की राजधानी के रूप में विकसित हो रही है, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह भूमि न केवल शिव भक्ति से ओत-प्रोत है, बल्कि बौद्ध, जैन, शैव और वैष्णव परंपराओं की भी संगमस्थली रही है। यहाँ की पवित्र नदियाँ, मंदिर और तीर्थ स्थल इस क्षेत्र को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करते हैं। वर्तमान में आंध्रप्रदेश सरकार इस भूमि को “टेम्पल टूरिज्म हब” के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है, जिससे इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित कर श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान किया जा सके। इसी क्रम में, इस वर्ष गोदावरी और कृष्णा पुष्करालु का आयोजन अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ किया जाएगा, जिससे यह धार्मिक आयोजन वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।

महाशिवरात्रि के इस अवसर पर एक ऐतिहासिक क्षण तब आया जब अमरालिंगेश्वर स्वामी मंदिर में भव्य महा जागरण के दौरान महादेव का अभिषेक कर मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस शुभ अवसर पर 144 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले के प्रमुख आयोजक, पूज्य निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज की उपस्थिति ने इस पावन आयोजन को और भी दिव्य बना दिया। इस अवसर पर भक्तों ने गहन ध्यान, पूजा और आराधना करते हुए भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त किया।

सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक चेतना के जागरण के उद्देश्य से महाशिवरात्रि के इस विशेष दिन “महाभक्ति” चैनल का शुभारंभ किया गया। महा ग्रुप चैनल्स, जिसने पत्रकारिता और मनोरंजन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, अब आध्यात्मिक चेतना के प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। महा ग्रुप के चेयरमैन वंशीकृष्ण मारेल्ला, जिन्होंने पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त किया है, इस नए आध्यात्मिक पहल से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प कर चुके हैं।

महाभक्ति चैनल के शुभारंभ से न केवल सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि आध्यात्मिकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। यह चैनल धार्मिक कार्यक्रमों, संत प्रवचनों, मंदिरों के लाइव दर्शन और आध्यात्मिक चर्चाओं के माध्यम से लोगों को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर प्रेरित करेगा। इसके अलावा, आंध्रप्रदेश को “टेम्पल टूरिज्म हब” के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह एक प्रभावशाली पहल सिद्ध होगी। इस शुभ अवसर पर आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नारा चंद्रबाबू नायडू जी ने पूज्य गुरुजी से आशीर्वाद प्राप्त कर इस पहल का समर्थन किया।

भगवान शिव की कृपा से यह महाशिवरात्रि सभी के लिए मंगलमय और कल्याणकारी हो। शिवभक्ति, श्रद्धा और सेवा की यह ज्योति अनवरत जलती रहे और समस्त संसार को शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश देती रहे।

हर हर महादेव!

Nara Chandrababu Naidu

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